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Wednesday, May 20, 2020

#तेवरी / #अफ़सरी बोल 【प्रणय प्रभात】

केवल ज्ञापन लाया है बे!         किस बस्ती से धाया है बे??     भूल गया क्या विप्र सुदामा?    बिना पुटलिया आया है बे!!       न्हा-धो के टिपटॉप तो होता!   कैसा स्वांग बनाया है बे!!       बिसर गया सब सेवा-पूजा?    किस जननो का जाया है बे??  लगता था कुछ है अंटी में।         तब तुझको बिठलाया है बे!!      पेट दिख रहा फूला-फूला!      सुबह-सुबह क्या खाया है बे??  छोड़ ये बातें इतना बतला!        अब के क्या उपजाया है बे??    कुछ लाता सीधे आ जाता। बेमतलब भैराया है बे!!             😢😢😢😢😢😢👍😢

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