सारी सब्ज़ियां #टमाटर की ख़ूब #तारीफ़ करतीं। हमेशा कहतीं कि उसकी टक्कर का #फल कोई और नहीं। ठीक इसी तरह सारे फल भी उसकी दिल खोल कर #प्रशंसा करते। कहते कि उसका मुक़ाबला करने वाली कोई #सब्ज़ी नहीं। इधर फल और सब्ज़ी के बीच अपना #वजूद तलाशने पर #विवश टमाटर भी #मूर्ख नहीं था। उसे पता था कि यह उसे दोनों समूहों से बाहर रखने का #षड्यंत्र है। क्योंकि उसके साथ #प्रतिस्पर्द्धा का #माद्दा दोनों में नहीं। #दोगले स्सा------!!(#अनुभव_से_उपजते_हैं_किस्से)
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