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वो बोले चन्द रोज़ में हारेगा वायरस।मैं जानता था साल भर मारेगा वायरस।।- बाहर के जंक फूड से दिलवाएगा निजात।लोगों को कुछ दिनों में सुधरेगा वायरस।।- घर बैठ के मर जाएंगे तफ़रीह के कीड़े।भटकन पसंद रूह को तारेगा वायरस।।- मिट जाएंगे कुछ रोज़ में सारे मुग़ालते।रिश्तों की ज़िल्द ऐसे उतारेगा वायरस।।- ढूंढेंगे हाथ नींद में भी सैनेटाइज़र।आकर के ख़्वाब में भी पुकारेगा वायरस।।
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