#लघुकथा / #डॉन
【प्रणय प्रभात】
बरसों पहले दूरदर्शन पर एक विज्ञापन आता था। जिसमें एक बच्चा उछल उछल कर गाता था-
"एशेल वर्ल्ड में रहूंगा में, घर नहीं जाऊंगा में।
सालों बाद उसी बच्चे की याद एक बुड्ढा दिला रहा है। बस गीत के बोल बदल कर कुछ यूं हो गए हैं-
"जेल के अंदर रहूंगा में, बाहर नहीं जाऊंगा में।"
लगता है वही क्यूट सा बच्चा एक कुख्यात "डॉन" बन चुका है। जिसके कुकर्म उसे बाहरी दुनिया और मौत से डरा रहे हैं।
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